भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग अब किसी भी भुगतान के लिए यूपीआई का ही सहारा लेते हैं। कोरोना काल में डिजिटल ट्रांजैक्शन में और तेजी आई है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के अनुसार जुलाई में सबसे अधिक फोन पे (Phone Pay) के जरिए 1492.0 मिलियन लोगैं ने पेमेंट किया। इसके बाद गूगल पे (Google Pay) के जरिए 1119.2 मिलियन लोग भुगतान किया है। तीसरा नंबर पेटीएम का है। 

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कंपनी   ट्रांजैक्शन की संख्या 
फोन पे 1492.0 मिलियन 
गूगल पे 1119.2 मिलियन
पेटीएम 454.0 मिलियन 
एक्सिस बैंक 74.1 मिलियन 
अमेजन पे 62.8 मिलियन 
यस बैंक 25.9 मिलियन
भीम यूपीआई  पे 23.8 मिलियन

 स्रोत: NPCI (जुलाई)

यूपीआई के फायदे

इसकी मदद से किसी खाते में तुरंत राशि भेजी जा सकती है। इससे फंड ट्रांसफर में एनईएफटी से कम समय लगता है। एक मोबाइल एप्लीकेशन से कई बैंक खाते से लेनदेन ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। इसमें बैंक द्वारा दिए गए वर्चुअल पेमेंट एड्रेस का इस्तेमाल होता है। आईएफएससी कोड और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रकम ट्रांसफर होती है। हर पेमेंट को अधिकृत करने के लिए एम-पिन (मोबाइल पिन) की जरूरत होती है। बिना इंटरनेट कनेक्शन वाले फोन में 99# डायल कर भी सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। हर बैंक का यूपीआई प्लेटफ़ॉर्म है, जो मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम (एंड्रॉयड, विंडोज या एपल) के हिसाब से विकसित किया गया है। इसमें बिल शेयरिंग फैसिलिटी भी है। बिजली-पानी के बिल पेमेंट, किसी दुकानदार को पेमेंट करने आदि के लिए बहुत सुविधाजनक है। मोबाइल एप से ही शिकायत की जा सकती है।

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