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एकनाथ शिंदे के आगे कुआं पीछे खाई है
एकनाथ शिंदे के आगे कुआं पीछे खाई है। उनके अच्छे दिन किसी समय भी खत्म हो सकते हैं। भाजपा ने अब उनका तोड़ ढूंढ लिया है। पिछले साल भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट ने मिलकर प्रदेश में सरकार बनायी थी। शिंदे और भाजपा की सरकार बहुत अच्छा काम नहीं कर पा रही थी। इसलिये भाजपा ने शिंदे गुट का विकल्प ढूंढ लिया। भाजपा ने पहले शिवसेना को निशाना बनाया और एकनाथ शिंदे गुट को अपने झांसे में लिया और सीएम ऊद्धव ठाकरे महाविकास अघाड़ी की सरकार को गिराने में सफलता प्राप्त की। इससे एक पंथ दो काज हुए एक तो भाजपा ने 2019 में सरकार न बनने का बदला ऊद्धव ठाकरे से लिया और दूसरी ओर शिवसेना को भी बर्बाद कर दिया। पार्टी का सिंबल और लोगो भी शिवसेना का छीन लिया। इसमें चुनाव आयोग ने केन्द्र के इशारे पर एकनाथ शिंदे गुट की भरपूर मदद की। साथ ही नहीं महाराष्ट्र में अपनी सरकार भी बना ली।
भाजपा ने विकल्प तलाशा
अब भजपा ने अपना नया पार्टनर एनसीपी के अजित पवार के रूप में ढूंढ लिया है। उनके साथ लगभग 30 विधायक के होने का दावा किया जा रहा है। अजित पवार एनसीपी के सुप्रीमो शरद पवार से नाराज चल रहे थे। वैसे 2019 में एक बार पहले भी अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस ने मिलकर सरकार बनाने का प्रयास किया थी लेकिन उस बार उनकी दाल नहीं गली और महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी। सीएम के रूप में शिवसेना प्रमुख ऊद्धव ठाकरे को चुना गया।
ऐसा कोई सगा नहीं जिसको भाजपा ने ठगा नहीं
भाजपा पर अब यह बात सटीक बैठ रही है कि मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं। ऐसा कोई सगा नहीं जिसको भाजपा ने ठगा नहीं। एकनाथ शिंदे सेना अब भाजपा के लिये बोझ साबित हो रही है जिस उम्मीद से भाजपा ने शिंदे गुट के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनायी थी वो मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्हें उम्मीद कि शिंदे गुट को जनता का समर्थन मिलेगा लेकिन ऐसा दिख रहा है। जनता में शिंदे गुट को गद्दार के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा को भी जनता ऐसी पार्टी मान रही है जो सत्ता के लिये किसी भी स्तर पर गिर सकती है। भाजपा ने अब यह तय कर लिया है कि अब वो शिंदे गुट को ज्यादा दिनों तक बर्दाश्त नहीं करेगी इसी लिये उनकी तोड़ के लिये एनसीपी को तोड़ कर अजित पवार को अपने साथ मिला लिया है। वैसे भी शिंदे गुट के 16 विधायकों के सिर पर सदस्यता जाने का डर सता रहा है।
सीएम शिंदे की सदस्यता पर खतरा मंडराया
पूर्व सीएम ऊद्धव ठाकरे ने 16 विधायकों की सदस्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की थी एससी ने इस मामले विधानसभा स्पीकर को नोटिस देते हुए इस मामले में जांच करने का निर्देेश जारी किया था। स्पीकर राहुल नार्वेकर ने उन सभी 16 विधायकों को समय सीमा के अंदर नोटिस का जवाब देने को कहा है। इन विधायकों में एकनाथ शिंदे का भी नाम है।








