PM Modi Shah wants to make ram mandir issue in Next Gen. elections 2024
PM Modi Shah wants to make ram mandir issue in Next Gen. elections 2024

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कितने जतन करके भाजपा ने नरेंद्र मोदी के लिये तीसरी बार पीएम बनने की राह प्रशस्त करने की योजना बनायी लेकिन अब देश के हालात उनके खिलाफ बनते दिख रहे हैं। उनके लिये माहौल बनाने में देश की मेन स्ट्रीम मीडिया, जांच एजेसिया, संवैधानिक संस्थाएं और यहां तक कि अदालतों ने भी सत्ता की की गुलामी स्वीकार कर ली है। लेकिन राम मंदिर में मूर्तियों के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को शायद किसी की नजर लग गयी है। इस कार्यक्रम जरिये मोदी पूरे देश को राममय कर अपने पक्ष जनसमर्थन की उम्मीद लगा बैठे थे। लेकिन देश के चारो शंकराचार्यों ने उनकी प्र​भुता स्वीकार करने इनकार कर दिया। उनका मानना है कि राजनीतिक लोगों को सनातन धर्म और पद्वति से अलग रहना चाहिये। धर्म और आस्था का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिये। धर्म कर्म और शास्त्रों के मामले में अपनी टांग नहीे अड़ानी चाहिये। विहिप का राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र का मंदिर निर्माण से लेकर पूरी व्यवस्था पर कब्जा है। शकराचार्यों ने मंदिर और धर्म पर बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के चलते राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। वो इस बात से नाराज हैं धार्मिक कार्यक्रम को चुनावी कार्यक्रम बना दिया गया है। धर्म को अपनी जीत का हिस्सा बना कर भाजपा और पीएम मोदी जीत हासिल करने को उतारु हैं। पीएम मोदी और पूरी भाजपा संतों की नाराजगी को लेकर अंदर से हिल गयी है। हिन्दू संगठनों को भी अपनी सारी मेहनत पर पानी फिरते दिख रही है। शंक​राचार्यों की नाराजगी मोदी शाह की मंशा किस हद तक प्रभावित करेगी यह आने वाला समय तय करेगा।
कौन है श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र का अध्यक्ष चंपत राय
तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष विहिप के नेता चंपत राय ही सर्वेसर्वा हैं। उनकी सहमति के बिना इस मंदिर में कुछ भी संभव है। चंपत राय का विवादों से नाता रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के लिये जमीन खरीद फरोख्त में भ्रष्टाचार में चंपत राय का नाम उछला था। दिलचस्प बात यह है कि राय मोदी के परम भक्त हैं गाहे बगाहे वो ऐसे विवादित बयान देते रहते हैं जिससे वो सुर्खियों में रहते है। हाल ही में उन्होंने मीडिया में यह कर चौंका दिया था कि नरेंद्र मोदी विष्णू के अवतार हैं। चापलूसी में वो सभी सीमाएं लांघ जाते हैं। उनकी हैसियत का पता इस बात से चलता है कि उन्होंने देश के पूर्व डिप्टी पीएम और राम मंदिर रथयात्रा के आयोजक लाल कृष्ण आडवाणी और पूर्व भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को कार्यक्रम में न आने की बात कही। इतना ही नहीं राय की अनुमति निमंत्रण लिस्ट बनाने में भी अहम् है। इसके अलावा तीर्थ क्षेत्र का हिसाब किताब और चंदे भी चंपत राय देखते है। चंपत राय जानते हैं कि नरेंद्र मोदी अपने आगे किसी को बर्दाश्त नहीं करते हैं इसलिये वरिष्ठ भाजपा नेताओं को भी इस कार्यक्रम से दूर रखा गया है।
कांग्रेस को निशाना बना रही गोदी मीडिया और भाजपा
22 जनवरी को प्राण ​प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिये श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे,श्रीमती सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को निमंत्रण भेजा था लेकिन उन्होंने यह कह कर आने से मना कर दिया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से राजनीतिक है चुनावी फायदा लेने के लिये भाजपा ने यह कार्यक्रम रखा है। धर्म शास्त्रों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा मंदिर पूरा होने पर किया जाता है। अधूरे मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा करना अशुभ होता है। यही बात देश के चारों शंकराचार्यों ने भी उठायी है। लेकिन भाजपा और चंपत राय राजनीतिक लाभ उठाने की मंशा में अधरे मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराने पर अमादा है। कांग्रेस धर्म शास्त्रों के अनुसार कार्यक्रम कराने के पक्ष मेें हैं। सारा विपक्ष शंकराचार्यों के समर्थन और तर्कों के साथ खड़ा है। भाजपा और आईटी सेल कांग्रेस को हिन्दू विरोधी करार दे रहा है। गोदी मीडिया भी कांग्रेस और विपक्ष पर हिन्दू विरोधी बता कर कोसने में लगे हैं। लेकिन इस बात पर चुप हो जाते हैं अब भाजपा शंकराचार्यों के ज्ञान और धर्मशास्त्रों को दर किनार के उनको बदनाम करने से बाज नहीं आ रहा है।

Shankarnand Saraswati takes VHP Leader Champat rai on Pran pratishtha event at Ayodhya Ram Mandir
Shankarnand Saraswati takes VHP Leader Champat rai on Pran pratishtha event at Ayodhya Ram Mandir

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चंपत राय को कसा
अविमुकक्तेश्वरानंद सरस्वती ने श्रीरामजन्मभूमि मंदिर तीर्थ के सवेसर्वा चंपत राय को खरीखेटी सुनाते हुए कहा कि राय एक छोटी मानसिकता वाले व्यक्ति हैं मंदिर को भी बांटने में जुटे हैं। वो मंदिर को राजनतिक अखाड़ा बनाने में जुट गये हैं। वो मंदिरों को भी बांटने में जुट गये हैं। मंदिर से भाजपा के लिये चुनावी एजेंडा बनाने की तैयारी में हैं। इससे पहले चंपत राय ने शंकराचार्यों को लेकर कहा था कि यह मंदिर रामानंदी संप्रदाय का है। वैष्णव और शैव संप्रदाय का नहीं है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शंकराचार्यों का राम मंदिर में क्या काम है। शकराचार्य ने कहा कि जब मंदिर निर्माण के लिये चंदा मांगा जा रहा था तब चंपत राय ने सर्व समाज से चंदा क्यों लिया। अब जब मंदिर बन कर तैयार हो गया तो वहां शंकराचार्यों को उनकी औकात बतायी जा रही है राम मंदिर आप की जरूरत नहीं है।

Puri Shankrachary denied to attend Pran Pratishtha event in Ayodhya Ram Mandi in Up
Puri Shankrachary denied to attend Pran Pratishtha event in Ayodhya Ram Mandi in Up

निश्चलानंद महाराज ने कहा पीएम के लिये ताली नहीं बजायेंगे
पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि राजनेता होते हुए भी वो मुख्य यजमान बनाया गया है। भाजपा और पीएम मोदी धर्म और आस्था के क्षेत्र में भी कब्जा करना चाहते हैं। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मोदी मूर्तियों को स्पर्श करेंगे हम शंकराचार्य एक दर्शक बन कर उनके लिये तालियां बजाने नहीं जायेंगे। देश के सभी शंकराचार्यों ने यह तय कर लिया कि वो 22 जनवरी को अयोध्या में हाने वाले सरकारी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं होने वाले हैं।

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