Bollywood Director vivek Agnihotri tweeted a fake news about The Kashmir Files
Bollywood Director vivek Agnihotri tweeted a fake news about The Kashmir Files

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आजकल जिधर देखो उधर एक फिल्म कश्मीर फाइल्स की चर्चा हो रही है। राजनीतिक लोग इस फिल्म को लेकर काफी उत्सुक दिख रहे हैं। सत्ताधारी दल इस फिल्म के हिट को लेकर काफी उत्साहित दिख रहे हैं। वहीं कुछ प्रबुद्ध और राजनीतिक दल इस फिल्म के तथ्यों और फिल्मांकन को लेकर सवाल उठा रहे है। भाजपा शासित राज्यों में सरकारों ने फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया है। अन्य प्रदेशों में भाजपा सरकारों पर दबाब बना कर टैक्स फ्री कराने पर तुली हुई है। सबसे अहम् बात यह है कि पीएम मोदी इस फिल्म के बारे में कहा कि लोगों पर हुए अत्याचारों को लोगों जानना समझना चाहिये। ऐसे में इस बात से ​इनकार नहीं किया जा सकता कि इस फिल्म के जरिये भाजपा और मोदी सरकार देश की जनता के लिये नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रही है। यह भी हो सकता है कि इसके जरिये आम चुनावों के लिये पृष्ठभूमि तलाश रही है।
इस फिल्मा का निर्माण विवेक अग्निहोत्री ने किया है। जो इससे पहले बुद्धा इन ट्रैफिक जैसी साफ सुथरी फिल्म बना कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके है। इस फिल्म में अनुपम खेर और मिथुन चक्रबर्ती जैसे मंझे हुए अभिनेता हैं। साथ ही टीवी एक्ट्रैस पल्लवी जोशी हैं। इस फिल्म में मिथुन चक्रवती हैं जो पश्चिम बंगाल चुनाव के ठीक भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले वो टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा के सदस्य थे। कुछ सालों पहले उन्होंने स्वास्थ्य को वजह बताते हुए राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। वहीं अनुपम खेर की पत्नी किरण खेर दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर चंडीगढ़ सांसद बनी हैं। खेर बिना पार्टी ज्वाइन किये ही प्रवक्ता की तरह जनसभाओं में बीजेपी का पक्ष रखते रहते हैं। इससे फिल्म के पीछे की मंशा साफ हो जाती है कि इसे भाजपा के पक्ष में एजेंडा सेट करने के लिये ही जनता के सामने लाया गया है।
इस फिल्म 1989—90 के समय कश्मीरी पंडितों पर ढाये गये जुल्मों को दर्शान का प्रयास किया गया है। इस फिल्म के जरिये यह प्रचार किया जा रहा है कि कांग्रेस ने कश्मीर में पंडितों पर जुल्म व शोषण किया या करवाया। कांग्रेस की शह पर मुसलमानों ने कश्मीरी पंडितों की लड़कियों औरतों बच्चियों के साथ अमानवीय बर्ताव किया। इस फिल्म की कहानी कुछ हिस्सों में तो सही चलती फिर अचानक कांग्रेस को निशाने पर लेने का काम करने लगती है। मनोरंजन करने के नाम पर यह फिल्म लोगों को किसी खास राजनीतिक पार्टी को निशाने साधने का काम कर रही।
विवेक अग्निहोत्री सत्ताधारी दल के सहयोग की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। उनका एक सूत्री कार्यक्रम सीधे सीधे कांग्रेस को निशाने पर रखने का है। वहीं अनुपम खेर सीधे
सीधे मोदी सरकार के शासन को देश का स्वर्णकाल बता रहे हैं। वैसे वो तीखे सवालों का जवाब देने कतराते दिखे। सवालों का गोलमोल जवाब दे कर कन्नी काट रहे थे। इसके अलावा अनुपम और विवेक तथ्यों को ही नकारते हुए अपनी अलग ही कहानी से कांग्रेस को कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा के लिये जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
ये बात जग जाहिर है कि 1989—90 के समय देश में जनता दल के पीएम वीपी सिंह थे और सरकार को बीजेपी का समर्थन था। रिटायर्ड आईएएस जगमोहन जममू कश्मीर के गवर्नर थे। ऐसे में कश्मीरी पंडितों की समस्याओं के लिये कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराना क्या उचित है। किसी राजनीतिक दल के समर्थन में पीड़ितों का जख्म कुरेदना किस हद तक सही है बल्कि उनके जख्मों पर मरहम लगाना चाहिये।

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