दिल्ली सरकार पर हमलावर हुईं कांग्रेस बीजेपी
16 फरवरी संडे को केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली सरकार संभालने जा रहे हैं। उनके साथ छह मंत्री भी शपथ लेने जा रहे हैं। इस मौके पर किसी अन्य दल व प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस समारोह में शामिल होने का न्यौता नही दिया गया है। केवल पीएम नरेंद्र मोदी को इनवाइट किया गया है। नया विवाद जो गहराया है वो दिल्ली सरकार के अंतरगत नियुक्त शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को आना अनिवार्य करना है। बीजेपी और कांग्रेस इस बात को लेकर आम आदमी पार्टी पर हमलावर हैं कि सरकार को अपनी तारीफ बताने के लिये लोग
नहीं मिल रहे हैं। इसलिये सरकारी स्कूलों के टीचर और अन्य स्टाफ को जबरन
सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया जा रहा है।
हालांकि शिक्षा निदेशालय की ओर यह बयान दिया गया है कि कांग्रेस और भाजपा के आरोप बेबुनियाद हैं कि सीएम के शपथ समारोह में शिक्षकों और कर्मचारियों को भीड़ बढ़ाने के लिये जबरन मजबूर किया जा रहा है। असल बात यह है कि समारोह में टीचर व कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना है इस लिये उनको समारोह में आना अनिवार्य किया गया है।








